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Saturday, January 19, 2019

6 सफलता प्राप्त करने के नियम

सफलता हासिल करने वाले लोग व्यर्थ विचारो में उलझकर अपना कीमती वक्त नष्ट नहीं करते है वे रचनात्मक  तरीके से सोचते है क्योकि उन्हें मालूम है उनके सोचने का तरीका ही उनकी कामयाबी तय करता है

वास्तव में सफलता की शुरुवात आपके सोच से ही होती ऊपर लिखी लाइन को किसी महापुरुष ने कहा है यदि आप अपने नकारात्मक विचार पर काबू  कर सिर्फ सफलता के बारे में सोचेंगे तो सफलता की राह बहुत ही आसान हो जाएगी तो चलिए सफलता प्राप्त करने के नियम को जान लेते है


सफलता क्या है 


यदि आप सफल होना चाहते है तो आप उन कामो की आदत डालिये जिनको सफल लोग नहीं करना चाहते है
सफलता के बारे में गौर से सोचे तो सफलता कोई रहस्य नहीं है बल्कि यह बुनियादी वसूलो को लगातार अमल में लाने का नतीजा है और असफलता बिलकुल इसका उल्टा है असफलता कुछ गलतियों को लगातार दोहराने का नतीजा है







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सफलता प्राप्त करने के नियम 


इच्छा 

सफलता  शुरुवात तो इच्छा  से ही होती सफलता का आधार ही इच्छा है नेपोलियन हिल ने कहा है इंसान का दिमाग जिन चीजों को सोचता है जिन चीज़ो  पर विश्वाश करता है उन्हें भी हासिल भी कर सकता है इसलिए सफलता प्राप्त करने के लिए सफलता की  तीव्र इच्छा  जरूरी है जिस प्रकार से आग की छोटी लपटे अधिक गर्मी नहीं दे सकती उसी प्रकार से मंद इच्छा बड़ी सफलता नहीं

 वचनबद्धता 

 सफलता प्राप्त करने के लिए  वचनबद्धता जरूरी है
जैसे जीत के लिए और हार के  खेलने में बहुत फर्क होता है जब हम ये सोचकर खेलते है की हमें जीतना है तो हम पुरे उत्साह और वचनबद्ध  होकर खेलते है और जब हमें न हारने के लिए खेलता है तब हमारे भीतर वो उत्साह नहीं रहता है  और हमारे खेल में उसका असर  है
क्योकि हम नाकामयाबी को टालने के लिए खेल रहे है जो विजेता होते है वो जीत  वचन बद्ध  होते है और खुद को उस हिसाब से ढाल लेते है

जीत के लिए खेलने  के लिए प्रेरणा होती है बल्कि हार से बचने के लिए खेलने में हताशा छुपी होती है

जिम्मेदार होना 


सफलता प्राप्त करने वाले हर एक व्यक्ति के अंदर जिम्मेदारी पन  छुपी रहती है क्योकि जो लोग जिम्मेदार होते है वो  गलतियों को स्वीकार करते है और उनसे सीखते है जो  अपने गलतियों को स्वीकार नहीं करते और और न ही गलतियों से सीखते है उनसे सफलता भी कोशो दूर ही रहती है जिम्मेदार व्यक्ति मुसीबतो में अपना धैर्य नहीं खोते है और और मुसीबतो को झेलकर सफलता प्राप्त ही कर लेते है



कड़ी मेहनत  सफलता है मूल रहस्य 


जितने भी  सफल इंसान है इस धरती पर सबकी सफलता का एक ही रहस्य है वो है कड़ी मेहनत

एक सच्ची घटना है 9 साल के लड़के को एक खतरनाक बीमारी हो गयी  बीमारी  की वजह से उसके पैर  बहुत कमजोर हो गए थे जिसकी वजह से वह चल नहीं पा रहा था अत  उसे अपने दोनों पैरो में सुई लगवाना पड़ता था घर वालो की आर्थिक हालात बिगड़ती जा रही थी उन्हें लग रहा था की अब ये नहीं बचेगा लेकिन उस छोटे से बच्चे ने कभी अपनी कमजोरी को खुद पर हावी नहीं होने दिया उसे फुटबाल  खेलने का बहुत शौक  था जब भी कोई खिलाड़ी से छूटकर फुटबाल उसके पास आता तो खिलाड़ियों को उस बच्चे से बाल लेने में 15 -15  मिनट लग जाते  बड़ा होकर यही खिलाडी  विश्व का सबसे महानतम खिलाडी बना लियॉन मेसी

जब एक बार लीओन मेसी  से इंटरव्यू में पूछा गया आप रातो रात इतने बड़े सुपरस्टार बन गए तब उन्होंने कहा था इस एक रात के लिए पिछले 11 सालो से मैं रातो दिन प्रैक्टिस कह रहा था

सफलता और कड़ी मेहनत एक ही सिक्के के पहलू  है इनको कभी अलग नहीं किया जा सकता है जहा मेहनत है वह सफलता है


                                   
5 sflta prapt karne ke tarike,safal kaise ho ,how to become succesfullin life

चरित्र 


इंसान का स्वभाव कुछ इस प्रकार से होता है की अपनी उपलब्धियों के क्षणों में वह लापरवाह होने लगता है कामयाब होने के साथ साथ आपको काफी आत्म अनुशासन की आवश्यकता होती  और संयम बनाते हुए विनर्मता का परिचय देना होता है ये इंसान की अच्छी चरित्र को दर्शाती है

सफलता हासिल करने से मुश्किल काम है उसको संभालना कुछ लोग सफलता तो प्राप्त कर लेते है पर ज्यादा समय तक उसको संभाल के रख नहीं पाते है
इसलिए योग्यता और चरित्र दोनों को एक सिक्के का पहलु माना जाता है योग्यता आपकी सफलता दिलाती है और चरित्र उसको बनाये रखने में आपकी मदद करती है

हमारे चरित्र का निर्माण बचपन से शुरू हो जाता है और मरने तक हमारे साथ चलता है जिस प्रकार से बगीचे को नष्ट होने से बचाने  के लिए बागवान को जंगली  घासो की निराई करनी पड़ती है उसी प्रकार से हमें भी अपनी कमियों को दूर करके अच्छे चरित्र का निर्माण करना चाहिए


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सकरात्मक सोच बनाये रखे 


सफलता के प्राप्त करने के सफर में कभी भी नकरात्मक भावना हावी ने होने दे क्योकि सफलता की शुरुवात सोच से होती है  यदि आपको अपना लक्ष्य कठिन लगने लगा है तो भी अपना प्रयास  न छोड़े के सकरात्मक विचार के साथ अपने बड़े लक्ष्य को छोटे छोटे लक्ष्यों में तोड़े और एक एक लक्ष्य को  प्राप्त करने का प्रयास करने एक समय ऐसा जरुआ आएगा जब आप अपनी सफलता के साथ होंगे

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